भाई ने सलवार उतारकर चोदा

 
loading...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनू है और में 22 साल की हूँ और में दिखने में बहुत मस्त आकर्षक लगती हूँ और मेरे फिगर का आकार 36-28-36 है, जिस पर बहुत से लड़के मरते है. में बहुत हॉट सेक्सी लड़की हूँ और में हर समय सेक्स के लिए तैयार रहती हूँ, क्योंकि मेरी चूत को शांत करने के लिए में लंड की तलाश में रहती हूँ. मुझे शुरू से ही से करना और अपने बदन को दिखाकर हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करने में बहुत मज़ा आता है. दोस्तों में दिल्ली में रहती हूँ और मेरे दो भाई और एक बहन है, मेरे बड़े भाई का नाम साजिद है.

एक दिन मैंने भी मन ही मन में सोचा कि क्यों ना में भी अपने भाई के साथ कुछ ऐसा करूं, जिसकी वजह से वो मुझे चोद दे और में अपने गरम जिस्म को ठंडा कर लूँ और उसकी आग को बुझा दूँ? तो में ना जाने कब से वैसे किसी मौके की तलाश में रहने लगी थी.

दोस्तों मेरे भाई की उम्र 26 साल है और उसको शुरू से ही बॉडी बिल्डिंग का बहुत शौक है, क्योंकि वो तो बस पूरी तरह से सलमान ख़ान बनना चाहता था, में जब भी उसके मस्त गठीले बदन को देखती हूँ, तो पता नहीं मुझे मेरे पूरे बदन में अजीब सा कुछ होने लगता था? में उसको देखकर अब मन ही मन सोचने लगी थी कि किस तरह में अपने छोटे भाई को मेरे साथ सेक्स करने के लिए अपनी तरफ आकर्षित किया जाए और वो मेरी जमकर चुदाई करे और वैसे उसकी मुझ पर नज़र तो बहुत पहले से ही थी.

दोस्तों जब भी में घर में झाड़ू लगाती हूँ तो वो मेरी कमीज़ के अंदर झांककर मेरे लटकते हुए गोरे गोल सेक्सी बूब्स को देखने की हमेशा कोशिश किया करता था और वो हमेशा यह समझता था कि जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं है. मैंने अब सोचा कि क्यों ना इसको परेशान किया जाए, जिससे यह खुद ही आगे बढ़कर मेरे साथ वो सब कुछ करे, जो में इससे करवाना चाहती हूँ.

अब गर्मियों में एक बार जब मेरे घर में कोई भी नहीं था, बस मेरे और साजिद के तो मैंने अपने भाई से बोला कि साजिद में अब नहाने जा रही हूँ, तुम इसलिए अभी बाहर नहीं जाना और मैंने जानबूझ कर अपने कपड़े भी बाहर छोड़ दिए. थोड़ी देर के बाद जब में नहाकर फ्री हुई तो मेरे प्लान के हिसाब से मैंने अब साजिद को बाथरूम के अंदर से आवाज़ देकर उससे कहा कि साजिद ज़रा तुम मेरे कपड़े तो लाकर देना, वो में गलती से लाना भूल गई हूँ प्लीज और जब वो मेरे कपड़े लेकर आया तो मैंने अपने कपड़े लेने के बहाने से अपने हाथ को थोड़ा सा ज्यादा आगे बढ़ा दिया, जिसकी वजह से वो मेरे बूब्स को बहुत आराम से जी भरकर देख ले और ठीक वैसा ही हुआ.

अब जब वो मुझे मेरे कपड़े देने लगा तो उसकी प्यासी नज़र मेरे एक नंगे गोरे बूब्स पर चली गई और वो उसको लगातार अपनी खा जाने वाली नजर से देखता ही रहा. उस दिन मुझे उस खेल में बड़ा मज़ा आया और थोड़ी देर के बाद जब में वापस बाहर आई तो वो तुरंत वॉशरूम में जा घुसा और मुझे बहुत अच्छी तरह से पता था कि वो क्या करने जा रहा था.

इस तरह से दूसरे दिन जब में झाड़ू लगा रही थी तो उस दिन मैंने जानबूझ कर थोड़े ज्यादा बड़े गले की कमीज़ पहनकर में झाड़ू लगाने लगी थी, वो उस समय टी.वी. देख रहा था और मैंने नीचे बैठकर झाड़ू लगाने की जगह खड़े होकर झाड़ू लगानी शुरू कर दी. अब उस वजह से मेरे बड़े आकार के बूब्स मेरे बड़े आकार के गले वाले कपड़ो, ब्रा से बाहर नज़र आ रहे थे और उसने जब वो देखा तो वो अपनी चकित आखों से देखता ही रह गया और उसकी वजह मेरी छाती से हटने को तैयार ही नहीं थी.

मैंने कुछ देर बाद उसकी तरफ देखकर उससे पूछा कि तुम ऐसे क्या देख रहे हो? तब वो मेरी बात को सुनकर होश में आकर एकदम से घबराकर मुझसे बोला कि कुछ नहीं सादिया? दोस्तों तीन चार दिन में मैंने उसको ऐसे ही अलग अलग तरह से बहुत जमकर तंग कर दिया, जिसकी वजह से वो अब बिल्कुल पागल हो चुका था और में उसकी हरकतों को देखकर समझ चुकी थी कि वो अब मेरे साथ कुछ करने के मौके देख रहा है. दोस्तों हम दोनों शुरू से ही अलग अलग रूम में सोते थे और हमारे मम्मी, पापा उनके एक अलग रूम में सोते थे. एक दिन अचानक ही हमारे एक रिश्तेदार की म्रत्यु हो गई, जिसकी वजह से मेरी मम्मी और पापा को वहां पर पूरे एक सप्ताह के लिए जाना पड़ा, क्योंकि वो दूसरे शहर में रहते थे.

अब उस वजह से हमारे घर में सिर्फ़ हम दोनों भाई और बहन रह गए थे. दोस्तों अब तो मुझे और भी बहुत अच्छा मौका मिल गया था अपने भाई को गरम करने का, उसको अपना गोरा बदन दिखाकर पागल करने का और उसके साथ मज़े लेना का मेरे पास उससे अच्छा मौका कोई भी नहीं था.

अब में जानबूझ कर बिना ब्रा के झाड़ू लगाने लगी, जिसकी वजह से मेरे जिस्म का नशा उसके सर पर कुछ ज्यादा ही चड़ गया और अब मेरे बिना ब्रा के नीचे झुककर झाड़ू लगाने की वजह से मेरे बूब्स उसको पूरे पूरे साफ नज़र आने लगे थे, जिसकी वजह से वो तो अब हर रोज़ मेरे झाड़ू लगाने का इंतज़ार करता था कि कब में झाड़ू लगाऊं और वो मेरे लटकते हुए आमो को देखे और में उसकी वजह से बिल्कुल अंजान बनी रहती थी, क्योंकि वो अब तक मेरे पूरे जाल में फंस चुका था.

दूसरे दिन रात को जब में सो रही थी, तब मुझे अचानक से महसूस हुआ कि कोई है जो मेरे बूब्स को धीरे धीरे दबा रहा था, लेकिन में चुप रही और सोने का नाटक करती रही. थोड़ी देर बाद मैंने अपनी आंख को थोड़ा सा खोलकर देखा तो वो साजिद ही था, जो मेरी कमीज़ के ऊपर से मेरे बूब्स को दबा रहा था और अब भी मैंने अपनी आखों को बंद रखा, क्योंकि में भी तो उससे यही सब चाहती थी.

उसने कुछ देर बाद धीरे से मेरी कमीज़ को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और अब वो अपने एक हाथ को अंदर डालकर मेरे बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा था. अब जिसकी वजह से मुझे मस्ती चड़ने लगी थी और में अपनी धीमी आवाज से मोन करने लगी थी, आहहह उह्ह्हह्ह और अब वो मेरे दोनों कबूतरों को अपने एक हाथ से धीरे धीरे सहलाने के साथ साथ उनकी निप्पल को दबा भी रहा था और उसका दूसरा हाथ मेरी सलवार में बड़ी तेज़ी से चल रहा था, शायद वो अपने लंड को जोश में ला रहा था.

कुछ देर तक मेरे बूब्स को दबाने चूत को सहलाने के बाद वो उठकर चला गया, शायद उसने बाथरूम में जाकर मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया था.

जब वो ठंडा हो गया तो अपने रूम में चला गया. मैंने भी अपनी सलवार को नीचे करके अपनी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से मुझे इतना मज़ा आया कि बस आअहह्ह्ह्ह मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरी चूत में साजिद ऊँगली कर रहा है और कुछ देर के बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, जिसकी वजह से अब में भी एकदम ठंडी हो गई.

उसके बाद में उसके बारे में सोचकर ना जाने कब सो गई और मुझे पता था कि जब तक मेरे पापा और मम्मी घर नहीं आएगें, तब तक साजिद मेरे रूम में जरुर आएगा. दोस्तों पूरे दिन भर वो मेरे साथ एकदम ठीक तरह से रहा, जैसे हमारे बीच कुछ हुआ ही ना हो और रात को सोते समय मैंने अपने भाई की आसानी के लिए उस रात को कपड़ो के अंदर जानबूझ कर अपनी ब्रा और पेंटी को नहीं पहना और में अपने सभी कामो से फ्री होकर अपने कमरे में आकर बेड पर लेटकर अपनी दोनों आखें बंद करके सोने का नाटक करके अपने भाई के आने का इंतज़ार कर रही थी.

कुछ देर बाद मुझे आवाज आई और कमरे का दरवाज़ा खुला और मैंने अपनी आखों को ज़ोर से बंद कर लिया और सोने का नाटक करने लगी. वो मेरे करीब आया और मेरे साथ मेरे बेड पर बैठ गया, उसने सबसे पहले मेरे बूब्स को कमीज़ के ऊपर से दबाना सहलाना शुरू किया और मेरे बूब्स के निप्पल पहले से ही तने खड़े थे और वो उसके छूने की वजह से और भी खड़े हो गए थे.

अब उसने मेरी कमीज़ के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और वो मेरी छाती को सहलाता और धीरे धीरे दबाने लगा था, जिसकी वजह से मुझे मस्ती चड़ने लगी, बहुत मज़ा आ रहा था और जब वो मस्ती में आकर मेरे निप्पल को दबा रहा था, उसी समय उस काम को करने के साथ साथ उसका हाथ धीरे धीरे मेरी जांघो की तरफ बढ़ने लगा था, जिसकी वजह से में बहुत गरम होने लगी थी और में अब बिल्कुल कामुक हो रही थी.

अब उसने मेरी सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और वो मेरे नरम छोटे छोटे बालों से होता हुआ मेरी कामुक गीली चूत तक पहुंच गया और चूत को सहलाने लगा. अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त ना हुआ और में अपनी दोनों आखें खोलकर उससे एकदम बोल पड़ी, साजिद तुम यह क्या कर रहे हो? तभी वो बैचारा एकदम से घबराकर कहने लगा कि कुछ नहीं, प्लीज आप मुझे माफ़ कर दो और मम्मी, पापा से नहीं बोलना, वरना वो मुझे घर से बाहर निकाल देंगे. मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक वैसे भी में कौन सी कहने वाली थी.

मैंने मन ही मन खुश होकर उससे कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन मेरी एक शर्त है, तुम अब वही करोगे, क्योंकि जो तुम अभी मेरे साथ कर रहे थे, उससे मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और मेरे कहने की देर थी और उसने तुरंत मेरी बात को सुनकर मुझे अपनी बाँहों में लेकर इतनी ज़ोर से दबाया कि मेरे बूब्स उसकी छाती में दब गए और अब वो मुझसे कहने लगा कि में तो पहले ही समझ चुका था कि तुम भी यही चाहती हो, इतना कहकर उसने तुरंत अपने होंठ मेरे होंठो पर रख दिए और एक किस करके और साथ साथ उसका एक हाथ मेरी कमीज़ में से होता हुआ मेरी छाती से भी दबाने लगा और उसने फ्रेंच किस के बीच दो बार मेरे होंठो पर हल्के से काट भी लिया.

मैंने उससे कहा कि यह क्या कर रहे हो? तब वो बोला कि रंडी चुदकड़ आज से तू मेरी बहन नहीं रंडी है, जो में आज के बाद तुझसे कहूँगा, तू वही करना क्यों ठीक है? अब में उसकी बात को सुनकर एकदम चुप हो गई और में अपने भाई के मुहं से यह बात सुनकर बिल्कुल हैरान हो गई. तभी उसने मेरी कमीज़ को एक ही झटके में नीचे उतार दिया और अब वो मेरी छाती को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और वो मेरे निप्पल को इतनी ज़ोर से चूस रहा था कि उस दर्द की वजह से मेरे मुहं से हल्की सी चीख निकल गई, लेकिन मुझे उसके साथ यह सब करने में मज़ा भी बहुत आ रहा था और में अपने गरम भाई को अपने सेक्सी जिस्म की वजह से पागल होता हुआ देख रही थी.

अब उसने मेरी सलवार की तरफ अपने हाथ को बढ़ाकर मेरी सलवार को पूरा उतार दिया और वो नीचे मेरी रसभरी वर्जिन चूत को देखकर बोला वाह क्या ज़बदस्त चूत है? और वो अपने दोनों हाथों से मेरी चूत के होंठो को अलग करते हुए अपनी एक ऊँगली को उसके अंदर डालने की कोशिश करने लगा.

अब में उस दर्द से आहें भरते हुए उससे कहने लगी, आईईई उफफ्फ्फ् प्लीज भाई थोड़ा धीरे करो, आह्ह्ह मैंने पहले कभी नहीं मरवाई. उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया और मैंने भी उसके कपड़े उतारकर उसके लंड को अपने हाथ में लेकर मसलना शुरू कर दिया, जिससे वो और भी गरम हो रहा था, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और में सिसकियाँ लेते हुए उससे कह रही थी, आअहह उफ्फ्फ्फ़ हाँ भाई और ज़ोर से चाटो, खा जाओ अपनी बहन की कुंवारी चूत को आआहह भाई हाँ और ज़ोर से करीब दस मिनट तक वो मेरी चूत को चाटता रहा, लेकिन अब में झड़ने वाली थी.

मैंने उससे कहा हाँ भाई चूसो और प्लीज भाई और ज़ोर से चाट मेरी चूत को खा जा और एक हल्की सी चीख के साथ में झड़ गई, आहह. कुछ देर बाद उसने अपना लंड मेरे मुहं की तरफ बढ़ा दिया और मुझसे कहा कि तुम अब इसको अपने मुहं में लो.

मैंने उससे कहा कि पहले तुम इसको साफ तो करो, लेकिन तभी उसने ज़बरदस्ती मेरे सर के बाल पकड़कर मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया और वो कहने लगी कि रंडी मैंने तुझसे अभी कुछ देर पहले क्या कहा था कि में जैसा जैसे कहूँ चुपचाप करती रहना. दोस्तों मैंने तब महसूस किया कि उसके लंड का बड़ा ही अजीब सा स्वाद था और में उसका लंड हल्के हल्के चूसने लगी और मुझे भी अब बड़ा मज़ा आने लगा था, इसलिए में मज़े लेती हुई वो करने लगी. तभी उसने कुछ देर बाद अपने दोनों हाथों से मेरे सर को पकड़कर अपने लंड से धक्के देकर मेरे मुहं को चोदना शुरू किया, जिसकी वजह से मेरी साँसे रुक रही थी, लेकिन वो तो अब भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था, वो मुझसे बोल रहा था कि वाह सादिया आज तूने मुझे बहुत मज़ा दिया है, आअहह.

मैंने महसूस किया कि उसका पूरा शरीर अब अकड़ रहा था और वो झड़ने लगा था. दोस्तों मेरे मुहं में जब तक उसके वीर्य की आख़िरी बूंद नहीं गई, उसने अपना लंड मेरे मुहं से बाहर नहीं निकाला. उसके बाद हम दोनों एकदम बैहाल होकर पूरे नंगे ही बेड पर लेट गए. कुछ देर के बार वो से उठा और वो मेरे एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे हाथ से मेरे दूसरे निप्पल को दबाने लगा, जिसकी वजह से कुछ देर बाद मुझे एक बार से मस्ती छाने लगी. तभी मुझसे मेरा भाई बोला कि अब तुम मेरा लंड दोबारा से चूसना शुरू करो, अभी तो हमारा असली खेल बाकी है और दोबारा से उसने मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया. में दोबारा उसका लंड चूसने लगी थी और अब हम दोनों 69 पोज़िशन में आ गए थे और जब उसका लंड एकदम मज़बूत लोहे के सरिये की तरह हो गया.

तब मैंने उससे कहा कि प्लीज साजिद अह्ह्ह्ह प्लीज तुम अब अपनी रंडी बहन को आज बहुत जमकर चोद दो प्लीज आईईईई जल्दी करो, लेकिन वो तो अब भी मेरी चूत को पागलों की तरह चाट रहा था, जिसकी वजह से मुझसे अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने उससे कहा कि भाई प्लीज अब चोद ना अपनी बहन को वैसे तो तू जब भी में झाड़ू लगाती थी, तब मेरे बूब्स को हर रोज़ घूर घूरकर देखता था.

वो उठा और उसने अपना लंड मेरे पेट पर रगड़ना शुरू कर दिया और में धीरे धीरे आगे होने लगी और अपने कूल्हों को ऊपर उठाया और उससे कहा प्लीज अब जल्दी से तू अब मेरी इस आग को ठंडा कर दे, लेकिन शायद उसको तो मुझे परेशान करने में ही मज़ा आ रहा था, में अपने हाथ से उसका लंड पकड़कर अपनी चूत में डालने लगी, लेकिन उसका लंड तो हर बार फिसलकर इधर उधर हो जाता. साजिद मुझसे कहने लगा, अच्छा रंडी तुझे ज्यादा जल्दी है तो यह ले और उसने एक ज़ोर का झटका लगा दिया, जिसकी वजह से मेरे पूरे जिस्म में एकदम उस दर्द की लहर दौड़ गई. मैंने उससे कहा आह्ह्हह्ह्ह्ह आहईईईीइसस्स सस्स्स्टता धीरे करो में अभी तक वर्जिन हूँ.

वो जोश में धक्के देते हुए बोला कि ले और ले उसने एक और झटका लगा दिया, जिसकी वजह से मुझे ऐसा लगा कि जैसे कोई गरम सरिया मेरे जिस्म में डालने के कोशिश कर रहा है और में उस दर्द से चीखने लगी, आईईइ ऊईईईईई माँ में मर गई, बाहर निकालो इसको, मैंने उससे छूटने की भी कोशिश की, लेकिन उसके हाथ मेरी ताक़त से ज्यादा मज़बूत थे.

अब में चिल्ला रही थी, आह्ह्हह्ह प्लीज साजिद अब इसको बाहर निकालो वरना में आज मर जाउंगी, लेकिन दोस्तों वो अब मेरी कहाँ सुन रहा था, उसने एक और झटका लगाया और अब उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया. अब वो मुझसे बोला ले और ले रंडी और एक ज़ोरदार झटका लगाकर उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया, आआहहहहह जिसकी वजह से मेरी दर्द भरी चीख निकल गई और मेरी साँसे ज़ोर ज़ोर से चल रही थी, वो मेरे ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और उसका लंड तब मेरी चूत के अंदर ही था, तब मुझे महसूस हो रहा था कि जैसे कोई लोहे का गरम सरिया मेरी चूत के अंदर है और उसने कुछ देर बाद धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया. तब मैंने उससे कहा कि साजिद प्लीज थोड़ा आराम से उईईईइईई स्सीईईइ मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

उसने मुझसे कहा कि कुछ नहीं होगा अभी थोड़ी देर में तुम्हारा यह दर्द मज़े में बदल जाएगा और वो अपने लंड को अंदर बाहर हिलाने लगा, जिसकी वजह से अब मुझे भी धीरे धीरे मज़ा आने लगा था, ऊहह्ह्ह्हह्ह आअहह्ह्हह्ह्ह्ह हाँ आराम से साजिद मज़ा आ रहा है, आराम से आआहह हाआंन्‍णणन्. उसने ज़ोर ज़ोर से धक्के देना शुरू कर दिया और मुझे भी बहुत मज़ा आया. मैंने उससे कहा शाबाश मेरे भाई ज़ोर से और ज़ोर से हाँ फाड़ डाल अपनी बहन की चूत को, फाड़ डाल शाबाश आहह्ह्ह्ह करीब 15 मिनट के बाद उसने और ज़ोर से हिलना शुरू कर दिया और वो बोला कि सादिया अब में झड़ने वाला हूँ, आईईईई में गया.

मैंने उससे कहा कि हाँ में भी अब गई, आईईईइ उससे पहले में झड़ गई और मैंने अपनी चूत से उसके लंड पर अपनी गिरफ़्त मज़बूत कर दी. कुछ ही देर के बाद वो भी झड़ गया और हम दोनों की सांसे बहुत तेज़ तेज़ चल रही थी और हम दोनों निढाल होकर बिस्तर पर पड़े हुए थे. जब मैंने थोड़ी देर के बाद अपनी चूत के तरफ देखा तो वहां से खून और वीर्य की वजह से मेरी ऊँगली एकदम लाल हो गई थी और साजिद का लंड भी लाल हो रहा था और उस पर भी मेरी चूत का खून लगा हुआ था.

दोस्तों उस रात को हमने तीन बार जमकर चुदाई के मज़े लिए और उसके बाद वो अपने कमरे में जाकर सो गया. दोस्तों क्योंकि सुबह रविवार का दिन था, इसलिए में देर तक बहुत मज़े से सोने के बाद जब उठकर अपने कमरे से बाहर गई तो मैंने देखा कि साजिद पहले से ही उठा हुआ था. अब उसने मेरी तरफ देखकर मुझसे कहा कि सादिया वाह मज़ा आ गया कल रात को, में उसकी बात से एकदम शरमाने लगी और तभी उसने पीछे से आकर मेरे बूब्स को एक बार से पकड़ लिया.

अब मैंने उससे कहा कि यह क्या करते हो, कोई देख लेगा, हम दोनों भाई बहन है? उसने कुछ भी नहीं कहा, वो मेरे बूब्स को मसलता रहा और उस दिन हम दोनों ने उसी शाम को एक बार से वही खेल खेला, जो हम दोनों ने पिछली रात को खेला था, जिसकी वजह से उसने मुझे चोदकर पूरी तरह से संतुष्ट किया.



loading...

और कहानिया

loading...
3 Comments
  1. June 29, 2017 |
  2. June 29, 2017 |
  3. June 29, 2017 |

Online porn video at mobile phone


antarvasana hindi sexसेक्सी कहानी भाई aur harami bhai mobil. bfxxxx hot video hiandi me bhai bhann kiiiindian nangi ladkiyanबहन की अपने भाई से गर्मा गर्म बातेPati k dost ka mota land sex stori xxxhindesixy.comwww.comvasana sotry hindiristo me chudai patate Hindiwww.sextori hidime.comhindisxestrOyशयकसि मुसलिम बेन भईhindisex storismuje soti huyi ko kisi ne chodalesbian hindigaava xxx भाभी khaniya hindaहिंदी पोर्न अदला बदली कहानियाbehen ko choda bahi nexxxx videoजेठानी की चुदाई और वो भी ट्रेन में चाची की बुर में लंडhindisxestroyhindesixe.comRisto.ka.sodha.hindi..suhagrat.xn.comxnxxjorse cudo sexsaveeta bhabi.com16Sal kihanee xxxmastram ke xxx storys girls fingringsnokar ka shat hinde x kaniyaHINDASEXSTORYappssexkahaniफ्लैट क बदले चुड़ैmodern mom की चुदाई गोवा मेंरँडी किचुदायी की कहानीHindi sex story studiam me mom ko chudaantar vasna hindi kahaniantrvasnasaxstories.commastram ki mast kahanigrup me sexhindi sexxikahania xxxरिश्तोमे चुदाइँ XXX स्टोंरीxxxhindisaxikahanikamukatasexstoryantarvasana hindi storyचुदाईkahani of sex in hindiक्सक्सक्स सेक्सsexkahaniखुल कर चुदवाईखोत मे चुवाई हिंदी कMom ko shadhi ke din barsat me choda antarvasna.comarahar me chaci ki chudai antrvashnahindi lund chutwww antarvasnasexstories com lesbian ladkiya saheli ko sex ka paath padhayaखोत मे चुवाई हिंदी कamadabhd.gujrati.x.video.hd.fullpelaihindistorykamukta kahanitrain cupl auntyki chudae ki khaniANTRAVASANASTORYDada se nadani se chudai story'सेकसी कहानी जबरजती की चाची की हिदी मे 2018 comgroup sex ki kahanisex story of mausi ko jabardasti ki chut far digangbang kahanikamukta hindi storiessig.sixy.bihin.ki.kahaniyasuhagrat sex picsex story of mausi ko jabardasti ki chut far diमलिक ने मदत के बहाणे नौकारानी सास और बहू को चोद लिया सेक्स स्टोरीhindisexstorybhaibahanmaabata.xxxkahneyanaukarhindisexstoriesmeri shemale bahen ne mujhe he choddeaभिखारी से चुदवायामुनासिब चूची नंगी पानीhindisxestroystory of xxx hindiantrvasnahindikahanisexydasikahani